बस तुम ही हो!

लोग आते हैं! लोग जाते हैं! पर न तुम आइ थी न तुम गयी हो! तुम जबसे हो बस तुम ही हो!
एतना, उतना, जितना, कितना न जाने केतना केतना! जेतना भी प्रेम करते हैं बस तुम ही से करते हैं! पहली मुलाक़ात में ही ढेर हो गए थे हम! ऐक्सिडेंट टायिप! बड़ी बड़ी आँखों पे कज़रे की परत! उसपे तिरछि नज़र से हमको इंतज़ार करते हुए देखना! आय हाय हाय हाय हाय! ऐसा लग रहा जैसे आज साल गुज़र गया हो तुमसे पहली मुलाक़ात को! दारू के ग्लास भी भिड़े हैं और तुम्हारा पागलपन भी देखा है उन्ही कुछ लमहों में! वो सब कुछ जो उस प्लेटफ़ोर्म पर छूट गया था शायद अब कभी दोबारा नही मिल पाएगा हमको!
हाँ बदल गया है सब! तुम भी और हम भी! अब न ही ख़त लिखें जाते हैं न पढ़े जाते हैं और न सुनाए जाते हैं! तुम्हारा मिलना खोना तो नही पता पर ये जो कुछ दौर कटा है न तुम्हारे संग इनमे एक जनम और जी लिया है हमने! तुम कब किस चीज़ पे झगड़ जाओ और कब किस चीज़ पे मुसकिया दो कुछ पता नही होता तुम्हारा! तुम्हारा मूड जिस गति से स्विंग करता है उससे तो मुरलीधरन तक शर्मा जाए!
हो सकता हो हमारी बातें न हों! लम्बे लम्बे अंतराल हों पर जब भी मिलेंगे जिस भी राह में मिलेंगे उसी तरह ही मिलेंगे जैसे कि उस पहली मुलाक़ात में मिले थे! अच्छा लगता है तुमको आगे बढ़ते देखना! मुस्कुराते हुए देखना! गरियाते हुए देखना! और वो हमारा फ़ेवरेट तिरछि नज़रों से हमको ख़ुद को देखते हुए देखना!
तुमसे झगड़ के दूर होने के सौ बहाने होते हैं हमारे पास पर तुम्हारे साथ होने के सिर्फ़ एक बहाने के साथ ख़ुश हैं हम! तुम्हे बाहों में भर के माथा चूम लेने के इरादे से ख़ुश हैं हम! बिना तुम्हारे “लव यू” कहे “लव यू टू” बुदबुदाने देने से ख़ुश हैं हम! तुम्हारे ग़ुस्से में बेधड़क तुम्हारी डाँट सुनने में ख़ुश हैं हम! अचानक से तुम्हारे गले लग जाने से ख़ुश हैं हम!
ए सुनों,
पाने खोने से परे हो चुके हैं अब! नही नही कोई संत महात्मा नही होने जा रहे हम! हमारी ठरक के बारे में तो बख़ूबी जानती हो तुम! पर हज़ार आप्शन के बीच आन्सर तुम ही रहोगी मेरा! हमेशा! आजकल गाने भी पसंद नही आते हमको कोई! लेकिन वो जस्टिन बीबर वाला “लेट मी लव यू” बड़ा पसंद है हमको! फ़ुर्सत में सुनना! बड़े आदमी बन रहें हैं हम! आज कल अंग्रेज़ी गाना सुन रहे हैं!
समय ऐसे ही गुज़र गया! देखो इतने दिनो में सब कुछ बदल गया सिवाए अपने प्रेम के! तुम्हारी आँखों में दिखता है प्रेम! बोर्डर पे! काजल की एक लेयर में! हर प्रेम को शादी नसीब नहीं होती! शायद हमें भी न हो! लेकिन इसका मतलब ये क़तई नहीं है कि हम दोनो में किसी के प्रेम में कमी है या मन में कोई द्वेष है!
#unknown_writer

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