प्यार हो गया था उसे!

प्यार हो गया था उसे! क्लास केजी में उस लड़की से जो अपने टिफ़िन में से उसे नमकीन-पूड़ियाँ खिलाया करती थी! प्यार हो गया था उसे! सिक्स्थ क्लास में उस लड़की से जो क्लास की मौनिटर थी पर कभी "शोर मचा रहे बच्चों के नाम वाली पर्ची" में उसका नाम नही लिखती थी! प्यार हो... Continue Reading →

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पिक्चरहॉल_वाला_प्यार

आजकल एक नया नया शौक़ लगा है सोचा तुम्हें बता दूँ।मैं आजकल रोज़ रात में पिक्चर देखता हूँ वो भी पिक्चर हाल में। अजीब है ना।समय तो याद नही पर रोज़ रात में आगे की लाइन में जा कर बैठ जाता हूँ।देखने यादों का सिनेमा।शुरू शुरू में कुछ तुम्हारी पसंद वाली आइसक्रीम और चाकलेट का... Continue Reading →

इश्क़ भी ट्रेन की तरह है।

इश्क़ भी ट्रेन की तरह है।अब तुम्हीं देखो ना! शुरू शुरू में कितनी सारी बातों की चहल पहल रहती है भीड़ सी लगी रहती है।खचाखच भरा सा रहता है।लेकिन जब सफ़र शुरू हुए कुछ वक़्त बीत जाता है तो बातें भी थक कर अपने अपने बर्थ पर सो जाती हैं कुछ बातें रास्ते में पड़ने... Continue Reading →

परिचय

उस शहर से मेरा अधिक परिचय नहीं। न ही उस शहर के दोस्त ही मुझसे परिचित हैं। उस शहर में मेरा ऐसा कोई भी नहीं जो यह बता सके, कि आज शहर का मिज़ाज कैसा है। अधिक नम है, ऊमस भरा है, या हल्की बूँदा-बांदी के बीच शहर बहुत उदास है।  बहुत पहले; एक बार... Continue Reading →

कैसे समझाऊं तुम्हें,

कैसे समझाऊं तुम्हें, एक सीधी सी बात जानते हो,  तुम मेरे प्रेम के लायक केवल इसलिए हो पाए थे क्यूंकि मैंने तुम्हें प्रेम किया था मेरे अंतस के अनंत अव्यक्त का  मात्र एक क्षुद्र मूर्त थे तुम मुझे आज भी लगता है  मेरे प्रेम में बंधना  एक मात्र मुक्ति थी तुम्हारी किन्तु तुम मुक्त न... Continue Reading →

ख्वाहिशें तो बहुत सी हैं

“ख्वाहिशें तो बहुत सी हैं पर उनको पूरा कर पाना शायद इतना आसान नहीं.....कभी कभी तो खुद से ऊब जाता हूँ और सोचता हूँ कि क्या है ज़िन्दगी और क्यों जी रहा हूँ मै ऐसे जब मै किसी को खुश नहीं रख पा रहा तो.....शायद कभी वो पल आये जब मै सबको खुश रख सकूँ... Continue Reading →

सुना है तुमने मुझे भुला दिया है

सुना है तुमने मुझे भुला दिया है। इतना आसान था तो मुझे भी बताती मैं भी पूरी कोशिश करता। अच्छा ये बताओ शुरुआत कहाँ से की तुमने मुझे भुलाने की? ज़ाहिर है उस पहली मुलाकात से ही शुरुआत की होगी जब हम पहली बार आमने सामने हुए थे। तुम्हारे हाथ में एक छोटी सी डॉल... Continue Reading →

पसंद

उसे आईलाइनर पसंद था, मुझे काजल! वो फ़्रेन्च टोस्ट और काफ़ी पे मरती थी, और मै अदरक की चाय पे! उसे नाइट क्लब पसंद थे मुझे रात की शान्त सड़के शान्त लोग मरे हुए लगते थे उसे,मुझे शान्त रहकर उसे सुनना पसंद था लेखक बोरिन्ग लगते थे उसे,पर मुझे मिनटो देखा करती जब मैं लिखता... Continue Reading →

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